तो ऐसे हुई धनतेरस मनाने की शुरुआत, भगवान विष्णु के वामन अवतार से है संबंध
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यतानुसार, इस दिन नए बर्तन खरीदना शुभ होता है। धनतेरस के दिन मृत्यु के देवता यमराज और भगवान धनवंतरि की पूजा का विशेष महत्व है। दिवाली के 5 दिवसीय त्योहार में सबसे पहले दिन धनतेरस का पर्व आता है और इस तरह रोशनी के पर्व दिवाली की शुरुआत होती है। इस साल यह पर्व 22 अक्टूबर, शनिवार को मनाया जाएगा। भगवान धनवंतरि का हुआ था जन्म शास्त्रों में वर्णित कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। ऐसी मान्यता है कि भगवान धनवंतरि भगवान विष्णु के अंशावतार हैं। सृष्टि में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार के लिए ही भगवान विष्णु ने धनवंतरि का अवतार में जन्म लिया था। भगवान धनवंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। वास्तु के इन उपायों से जगमग रहेगा दिवाली का त्योहार, बनी रहे मां लक्ष्मी की कृपा भगवान विष्णु के वामन अवतार से भी है संबंध धनतेरस मनाए जाने के पीछे एक अन्य पौराणिक कथा यह भी है कि कार्तिक कृ...